Tuesday, 29 November 2016

How to do cashless transaction suggested by Narendra modiji in Maan ke Baat (एक कैशलेस सोसाइटी का निर्माण)

आज मैंने माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी की "मन की बात" सुनी जिसमे उन्होते कैशलेस सोसाइटी बनाने का आग्रह किया. और खास करके युवाओ से दरख्वास्त की के वो लोगो को सिखाये की कैशलेस व्यवहार कैसे करे. मैंने सोचा की क्यों न मैं भी इसका भागीदार बनु. देखिये अगर मेरे समाज का भला हो रहा हो तो मैं वो हर चीज़ करूँगा जिससे मेरी इंजीनरिंग का  मेरे लोगो को फायदा हो. वैसे तो ये मैं पिछले ८ वर्षो से कर रहा हूँ. पर आज सही मौका हैं मेरी इंजीनियरिंग को मेरे लोगो के लिए इस्तेमाल करने का. तो चलिए देखे सुरक्षित कैशलेस या ऑनलाइन व्यवहार कैसे करे.

१. आपके कार्ड से पेट्रोल कैसे भरे.

अगर आपके पास एटीएम (ATM ) कार्ड हैं.  और वो किसी भी बैंक का हो. आप पेट्रोल पंप जाये और उसे कहे की कार्ड से पेट्रोल भरना हैं. और कितने का भरना हैं बताये. पेट्रोल पंप कर्मचारी आपसे कार्ड मागेगा और एक मशीन में उसे इस्तेमाल करेगा और आपको आपका पिन(PIN) डालने को कहेगा।  याद रखे आपको खुद वो पिन डालना हैं न की उसे डालने के लिए कहना हैं. बस हो गया आपका काम। मशीन से २ बिल निकलेंगे एक पर आपको साइन करके उस कर्मचारी को देना हैं. और एक खुद रखना हैं. हो गया आपका पहला कैशलेस व्यवहार। हैं न आसान। आपको एक बात याद रखनी हैं की अपना ATM पिन हर ३ महीने बाद बदल ले.आपकी सुरक्षा आपके हाथ।

२. किराने की दुकान में पैसे कैसे दे.

ये प्रश्न थोड़ा अजीब हैं पर हममे से कितने लोग ऐसे हैं जिनके किराने की दुकान सालो साल से एक ही होती हैं। कई बार तो वो हमारे काफी करीबी लोग होते हैं आपको खाली उनका अकाउंट नंबर पूछना हैं और उनका नाम पूछना हैं। हाँ एक और चीज आपको लगती हैं और वो हैं IFSC  कोड। ये वो कोड हैं जो बैंक का यूनिक कोड होता हैं एक ऐसा कोड जिससे बैंक को पहचान मिलती हैं. इस जानकारी को आप लिख ले क्योंकि हर महीने आपको पैसे देने के लिए इसकी जरुरत पढ़ेगी. और आप अपने पैसो का भुगतान घर बैठे बैठे कर सकेंगे।
तो आपको करना क्या होगा।
अगर आपके पास एक स्मार्ट फ़ोन हैं. तो उसमे दो चीजे  आपको करनी होगी.
१. सबसे पहले आपको आपके बैंक से आपका नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सुरु करवानी होगी. एक एप्लिकेशन या अर्ज देकर आप ये काम करवा सकते हैं. एक बार आपका नेटबैंकिंग सुरु हो गया तो दूसरी चीज आपको करनी हैं वो ऐसे की जिन लोगो को आपको हर महीने पैसे देने होते हैं जैसे की दूधवाला , किराना दुकानदार, कामवाली बाईं , केबल वाला , और ऐसा है व्यक्ति जिसे आपको पैसे देने हैं. उनसे आप उनका अकाउंट नंबर , नाम ,बैंक की ब्रांच और IFSC  कोड पूछे और लिखले।

२. अब आपकी जो भी बैंक हैं उसका मोबाइल ऍप इनस्टॉल करे।  इनस्टॉल करते समय एक बात ध्यान दे जब आप मोबाइल ऍप इनस्टॉल करे उस मोबाइल aap के निचे आपकी बैंक का नाम लिखा हो. नकली ऍप से बचे.



३. अब आपकी एप  में आपका यूजरनेम और पासवर्ड डाले और खोले आपको वहां बैंकिंग (banking) ये ऑप्शन दिखेगा उसपे क्लिक करे. अगर पैसो का भुगतान ५००० रुपयो से कम का हैं तो क्विक ट्रांसफर  पे क्लिक यहाँ आपको तीन ऑप्शन दिखेंगे १. सेंड मनी  २. रिसीविंग मनी




४. सेंड मनी पर क्लिक करे यहाँ उसिंग अकाउंट डिटेल्स पर क्लिक करे. और जिस व्यक्ति को पैसे भेजने हैं उसकी डिटेल्स डाले. Name में उस व्यक्ति का पासबुक में जैसा नाम हैं वैसे ही डाले. बहुत बार हमें IFSC नंबर नहीं पता होता. इसके लिए एक एप इनस्टॉल करे. जो सारे  देश के सभी बैंक के IFSC कोड आपको देता हैं. एप का नाम हैं IFSC  CODE  इस app  में आपको कुछ टाइप नहीं करना हैं सिर्फ लिट् में से सेलेक्ट करना है.जैसे ही आप लिस्ट में से बैंक का कोड हासिल करले हो गया , अब उस सारी डिटेल्स को बैंक की एप में डाले और कंफर्म करे और जैसे ही आप submit (सबमिट) पर क्लिक करते हैं पैसे ट्रांसफर हो जायेंगे।  बहुत बार सामने वाले व्यक्ति को तुरंत sms  नहीं आता पैसो के ट्रांसफर का. पर डरे नहीं आपके मोबाइल एप में transaction successful का मैसेज आता हैं और साथ ही ट्रांजक्शन का नंबर भी आता हैं जिससे पुस्टि हो जाती हैं की पैसो का ट्रांसफर हो गया हैं.
 



मेरे पास एंड्राइड या स्मार्ट फ़ोन नहीं हैं.

कोई बात नहीं अगर आपके पास कोई स्मार्ट फ़ोन नहीं हैं तो. क्या आपके पास एक साधा फ़ोन हैं. अगर आपका जवाब हां हैं तो आप कर सकते हैं कैशलेस ट्रांसक्शन

एक साधे फ़ोन से मैं क्या क्या कर सकता हूँ.
१. खाते में मौजूद बैलेंस पता कर सकते हैं.
२. मिनी स्टेटमेंट निकाल सकते हैं.
३. पैसे ट्रांसफर कर सकते हो. MMID  के द्वारा
४. पैसे ट्रांसफर कर सकते हो. IFSC   के द्वारा
५.  MMID  की पुनः प्राप्ति कर सकते हैं
६. आपका MPIN बदल सकते हैं
७. आपके ऑनलाइन खरिद्दारी के लिए OTP  जेनेरेट कर सकते हैं.

इतनी सारी चीजे वो भी साधे मोबाइल फ़ोन पर। वाह क्या बात हैं.

इस सुविधा का लाभ लेने के लिए मुझे क्या करना होगा ?

इस सुविधा को कहते हैं NUUP  जिसके तहद आपको सबसे पहले आपका मोबाइल नंबर  बैंक के साथ रजिस्टर करना होगा. एकबार रजिस्टर हो जाये फिर जिंदगी आसान हो गयी समझो।

रजिस्ट्रेशन करने के तरीके (SBI खाता धारको के लिए ).
१. सबसे पहले अपने मोबाइल फ़ोन पर SMS टाइप करे  "MBSREG" और उसे भेजे 9223440000 पर. आपको sms मिलेगा जिसमे आपका यूजर नेम और पासवर्ड होगा।
२. अब आपके फ़ोन से *९९# डायल करे और change MPIN का ऑप्शन प्रयोग करे. और आपका खुदका पासवर्ड डेल जो सिर्फ आपको पता हो.
३. अब आपके नजदीकी ATM में जाये (आपके बैंक का ATM ) और ATM में अपना कार्ड डाले स्क्रीन पर आपको mobile registration का ऑप्शन दिखेगा उसे क्लिक करे और अपना ATM का पिन डाले
४. अब Mobile Banking सेलेक्ट करे और registration के ऑप्शन पर क्लिक करे और अपना मोबाइल नंबर डाले जिस नंबर पर आपने NUUP MPIN जेनेरेट किया था. और YES ऑप्शन पर क्लिक करे. आपका मोबाइल नंबर स्क्रीन पर दिखेगा। अगर सही हो तो कन्फर्म करे.  एक sms आएगा बस हो गया आपका रजिस्ट्रेशन.
अब आप अपने मोबाइल से अपने खाते में जमा बकाया  देख सकते हैं और उसका विवरण भी देख सकते हैं.

nuup की ये सुविधा भारत के सभी बैंको के लिए उपलब्ध हैं.

अच्छा लगे तो और भी लोगो को वेबसाइट की लिंक शेयर करे ताकि और लोगो को ये जानकारी पहुच सके. मेरे अगले ब्लॉग में और भी जानकारी होगी जैसे दुकानदार बिना कार्ड मशीन के पैसे कैसे एक्सेप्ट कर सकते हैं   प्रधान मंत्रीजी ने युवाओ से अपील की हैं की वो लोगो को टेक्नोलॉजी से अवगत कराये. दोस्तों ज्यादा से ज्यादा शेयर करे. 

दी हुयी सारी  जानकारी बैंक और गवर्नमेंट की वेबसाइट से ली गयी हैं. फिर भी आप जानकारी की पुष्टि करले. ये जानकारी आपके काम को सरल बनाने के लिए हैं.







Wednesday, 5 October 2016

Reliance jio (गलतफैमिया और रिलायंस जिओ )

दोस्तों देरी के लिए माफ़ी चाहता हूँ पर आज फिर मुझे ये ब्लॉग लिखना ही पड़ा। पिछले कुछ दिनों से मैं देख रहा हूँ की रिलायंस जिओ (reliance jio) के बारे में काफी मैसेज आ रहे हैं. और आज जब मैं रिलायंस डिजिटल गया तोह एक बन्दे से मुलाकात हुई  और जब मैं उस्ससे बात कर रहा था तभी एक और बाँदा आया और पूछने लगा की "मैंने सुना हैं की रिलायंस जिओ के इस्तेमाल से एक  सिम स्लॉट ब्लॉक हो जाता हैं" और अनायास मेरे मुह से निकल गया "भले कोनसी कंपनी चाहेगी की उसका प्रोडक्ट खरीदने से आपका मौजूद फ़ोन  ब्लॉक हो जाये " अगर ऐसा होता तोह शायद कोई नहीं खरीदता इस कार्ड को. उस बन्दे ने  मेरे तरफ अजीब नजर से देखा और फिर वही प्रश्न रिलायंस के कर्मचारी से पूछा  और उसने भी ऐसा ही मिलता जुलता उत्तर दिया।  उस बन्दे के जाने के बाद उस रिलायंस के कर्मचारी ने कहा "साहब रोज ऐसे लोग आते हैं और हमें ऐसे ही प्रश्न  पूछते हैं" जाहिर सी बात हैं की किसी  और की दुकान अगर तेजी से चल रही हो तोह उसकी बदनामी करने के लिए ऐसे मैसेज मीडिया में फैलाये जाते हैं. उसकी व्यथा साफ उसके चेहरे पर झलक रही थी।
तभी मेरे दिमाग में आया क्यों न रिलायंस जिओ से जुड़े कुछ प्रश्नों के उत्तर और कुछ गलफेमियो से पर्दा उठाया जाये। इसको हम कुछ इस तरह से हैंडल करेंगे

१.क्या मैं रिलायंस जिओ ऑनलाइन खरीद सकता हु.
 उ. इसका साफ शब्दो में उत्तर हैं नहीं।  फ़िलहाल तोह बिलकुल नहीं हो सकता हैं भविष्य में आप खरीद सके। पर फ़िलहाल ये आपको रिलायंस डिजिटल स्टोर में ही मिलेगा.



२.क्या मैं अपने मोबाइल में जिओ सिम इस्तेमाल कर सकता हु.
उ. जी हां।  कर सकते हैं बशर्ते आपका मोबाइल 4G हो।

३.मैंने सुना हैं की रिलायंस जिओ से मेरा एक स्लॉट ब्लॉक हो जाता हैं.
उ. आपने  गलत सुना हैं।  भला कोनसी कंपनी ऐसे करेगी की उसका पप्रोडक्ट इस्तेमाल करने से आपका मोबाइल ख़राब हो जाये या आपका एक स्लॉट ब्लॉक हो जाये.  कंपनियों का पेट दर्द करता हैं तोह दाल देते हैं ऐसे मैसेज.

४.क्या मेरे 3G फ़ोन पर चलेगा रिलायंस जिओ
उ. नहीं चलेगा (सिर्फ 4G फ़ोन पर चलेगा)

५.क्या किसी और का रिलायंस जिओ मैं अपने मोबाइल में चला सकता हु.
उ. रिलायंस जिओ सिम आपके मोबाइल के IMEI नंबर से बँधा होता हैं। तोह शायद नहीं चलेगा

६. क्या मेरे फ़ोन पर चले रिलायंस जिओ सिम
उ. इसका उत्तर आपको यहाँ मिल सकता हैं jio support mobile list

७.क्या मैं एक से ज्यादा रिलायंस जिओ कार्ड ले सकता हु.
उ. जी है आप एक से अधिक जिओ कार्ड ले सकते हैं.



८. क्या कार्ड  ही एक पर्याय हैं.
उ. जी नहीं आप रिलायंस जिओ डोंगल ले सकते हैं जो शायद आपको मात्र २००० रुपयो में मिल जायेगा और  आप अपने घरमे में कई मोबाइल और कंप्यूटर पे इन्टरनेट इस्तेमाल कर पाएंगे


दी हुयी जानकारी अधिकतम सही हैं फिर भी रिलायंस डिजिटल स्टोर से  पुष्टि जरूर कर ले. मिलेंगे किसी नए टॉपिक के साथ.  और हा like और सब्सक्राइब(subscribe)  करना न भूले.











Wednesday, 15 June 2016

क्या आप इंजीनियरिंग करने जा रहे हैं. तो क्या आप ये जानते हैं. (How to choose an engineering college)

आजकल जैसे मार्किट में एडमिशन का सैलाब आ गया हैं।  जहां देखो  वहा  आपको एडमिशन के पोस्टर ही पोस्टर मिल जायेंगे कोई कॉलेज आपको मुफ्त में एडमिशन दे रहा हैं तो कोई लुभावने बैनर्स के तले एडमिशन लेना चाह रहा हैं. एक तरफ दुनियाभर के कॉलेज खुल गए हैं और दूसरी ओर कॉलेजेस को  एडमिशन्स नहीं मिलते, अजीब विटंबना हैं. एक वो दौर था जब कॉलेज  कम होते थे और स्टूडेंट ज्यादा अब स्टूडेंट से ज्यादा कॉलेज। देखने वाली बात होती हैं की इस बिच स्टूडेंट्स में क्या चर्चा हो रही हैं.


कल जब मैं  जॉगिंग कर रहा था और मैंने कुछ बच्चों को बात करते सुना "अरे यार मैं तो पुणे के फोर्ट(नाम बदला गया हैं.) इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन लूंगा." दूसरे दोस्त के पूछे जाने पर की क्यों इतनी दूर जब की यहाँ अपनी सिटी में भी कॉलेज हैं. तो दूसरे बच्चे ने कहा अरे वो अपने राज्य का सबसे अच्छा कॉलेज हैं और कंपनी वहाँ के स्टूडेंट को तुरंत उठाती हैं.





मैं सोच में पढ़ गया की मैंने भी कई इंटरव्यू दिए हैं और मुझे कभी किसीने नहीं पूछा की आप किस यूनिवर्सिटी से हो या किस कॉलेज से हो. बस पूछा तो मेरे परसेंटेज और मेरा पसंदीदा सब्जेक्ट और उसका ज्ञान। मेरे ख्याल से आपको कोई कंपनी यूनिवर्सिटी शायद ही पूछती हैं फिर चाहे वो स्टूडेंट नागपुर का हो. बिहार का हो या फिर दिल्ली मुंबई या पुणे का. अगर आपमें प्रतिभा हैं तो आप कही भी जा सकते हो.




कॉलेज और अपनी ब्रांच चूस करते समय ये जरुरु देखे की वहाँ लेक्चर ठीकसे होते हैं या नहीं उस कॉलेज में भेदभाव तो नहीं होता , उस कॉलेज के स्टाफ खुश हैं या नहीं और सबसे महत्वपूर्ण बात उस कॉलेज का डिसिप्लिन कैसा हैं. आर्गेनाइजेशन में डिसिप्लिन की कमी हो तो वो ज्यादा दिन नहीं टिकता और अपने  स्टूडेंट्स को कुछ दे भी नहीं पता.





कॉलेज अक्रिडेटेड हैं या नहीं ये भी जरुरु देखे। अगर आप कॉलेज में कितने कैंपस सिलेक्शन होते हैं यह सोचकर कॉलेज का विकल्प चुनते हैं तो ये गलत हैं। मुझे बताईये किसी एक ब्रांच से २० स्टूडेंट किसी दिग्गज कंपनी में सिलेक्ट होते हैं तो क्या बाकीके ४० बच्चे जॉब से वंचित रह गए।  ऐसा  होता तो शायद कम्पनिया बंद पड़ जाती। आजभी कंपनी को अपने ८० % स्टाफ ऑफ कैंपस से मिलते हैं.




आपका लिया हुआ एक सही फैसला आपके अगले ४० साल बनाने वाला हैं और हा दूर के ढोल सुहावने लगते हैं बेटर हैं की अपने घर से नजदीक के किसी अच्छे कॉलेज में एडमिशन ले  ताकि आप आर्थिक ,सामाजिक और मानसिक तरीके खुश रहे. एक खुश रहने वाला स्टूडेंट ज्यादा बेहतर परफॉर्म कर सकता हैं। मगर एक बात और कहना चाहता हु की अगर आपको सचमे एक बेहतर कॉलेज मिलता हैं तो जाइए और ज्वाइन कीजिये मगर हा अपना मक़सद मत भूलिए की आप घर से दूर क्या करने आये हैं.

अक्सर मैं स्टूडेंट को पूछते हुए देखता हु की फलाना ब्रांच का स्कोप क्या होगा। या जो ब्रांच बूम में  हैं ,या फ़िलहाल जिस ब्रांच से सबसे ज्यादा लोग जॉब पा  रहे हैं क्या मई वो ले लु ?. इंजीनियरिंग एक सैनोसिडल वेव की तरह हैं।  इसलिए जो ब्रांच आज उच्च शिखर पर हैं, वो शायद अगले ४ साल में वजूद खो दे और उसके जॉब कम हो जाये।  इसलिए भेड़ की तरह न करे पहले सोचे की कितने % लोग अभी जॉब पा चुके हैं और कितने दिनों तक वेकन्सी रहने वाली हैं. और सबसे अच्छी और महत्वपूर्ण बात।  आपको जिसमे मज़ा आये वो ब्रांच ले।  नकि दोस्त ने बोला और मैंने ले लिया. 




ये वो फ़ोर्स होगा जो आपको आपके चार साल की पढाई में आपको अपने मकसद को पूरा करने में मदद करेगा।




मैं जनता हु की इस एक लेख में मैं आपको वो सभी बाते नहीं बता सकता जो एक अच्छा कॉलेज चूस करने में आपकी मदद करे , क्यों न इसे हम सब मिलके चर्चा का विषय बनाए। आप अपने सुझाव कमेंट में डाले और बताये।


Saturday, 4 June 2016

क्या मैं भी ये कर सकता हु. बेहतर भविष्य के लिए. (Environment day myths and reality)

पिछले कुछ दिनों से मैंने देखा हैं की मेरे मित्र पर्यावरण की काफी चिंता करने लगे हैं शायद करनी भी चाहिए पर मैं इस तरह की चिंता को सिंथेटिक चिंता ही कहूंगा क्युकी जैसे ही पर्यावरण दिन जायेगा वैसे ही सारी चिंताएं भी ढेर हो जाएगी। ये कुछ  इस तरह हैं की १५ अगस्त के कुछ दिन पहले हमारी देशभक्ति जागृत हो जाती हैं और फिर साल भर हम सोचते भी नहीं.

कुछ पर्यावरण प्रेमी ऐसे भी मिल जायेंगे जो अपने जन्मदिन पर पेड़ लगाते हैं. हा मगर हर साल उसी गड्ढे में. क्युकी हम पेड़ सिर्फ इसलिए लगते हैं ताकि हमारी एक अच्छी सेल्फी आसके। हम ये कभी नहीं सोचते की मैं इस पेड़ को बड़ा करूँगा मैं उसे अपनी आने वाली पीढ़ी को दे सकु। "ये तो बड़ी बड़ी बाते लगती हैं " तो ठीक हैं छोटे छोटे काम करो। आप अपने ऑफिस से शुरुआत कर सकते हैं.

हम कितनी बार सोचते हैं की प्रिंटिंग के पहले लिखा हुआ ब्यौरा जाँच ले. हम पहले प्रिंट निकालते हैं और फिर जांचते हैं. "अरे मेरे एक प्रिंट से कोनसा आसमान टूट पड़ेगा " जी हा आपके एक प्रिंट से कुछ न होगा पर आपके जैसे काफी महानुभाव अगर ऐसे सोचे तो जरुरु टूट पड़ेगा.

ऑफिस की दूसरी वस्तु हैं पेन(कलम) जो अक्सर हम चाइना की इस्तेमाल करते हैं क्युकी सस्ती हैं और यूज़ एंड थ्रो हैं. अगर महीने में हम ४ पेन इस्तेमाल करे और ऐसे ही ऑफिस के १० लोग करे तोह ४*१० = ४० * १२= ४८० ये हिसाब एक ऑफिस का हैं. तो सोचिये हम भारत में कितना प्लास्टिक रोज फेंकते हैं।

तीसरी वस्तु हैं लाइट। एक छोटेसे कमरे में हम बैठते हैं लाइट लगते हैं , मगर नेचुरल लाइटिंग इस्तेमाल नहीं करते। खिड़किया बंद करके लाइट चालू रखके कोनसी होशियारी करते हैं हम.


ऑफिस वो जगह हैं जहां AC होता हैं. तो करलो इस्तेमाल "अपना क्या जाता हैं " खिड़किया नहीं खोलेंगे। जरा सोचिये मशीन की हवा और नेचुरल हवा। फर्क हैं भाई

चाय पीते है डिस्पोजल में और उसे फेक देते हैं सोचिये अगर हम अपना कप इस्तेमाल करे तो शायद साल भरमे हम ७३० प्लास्टिक के कप बचा ले.

आये दिन हम नए नए मोबाइल लेते रहते हैं मगर पुराने वाले को अपने पास याद की तोर पर रखते हैं। किसी को देते क्यों नहीं। आपके किसी को देने से एक मोबाइल कम खरीदेगा और पर्यावरण को उतना ही फायदा होगा।

लिखने को बहुत हैं पर समय की कमी के कारन बस इतना ही। आपको कुछ और भी पता हो तो कमेंट में लिखे की किस तरह से छोटी चीजों से हम बड़े काम कर सकते हैं जी हा समय आ गया हैं पर्यावरण के बारे में सोचने का। क्यों इस गर्मी में आप समझ ही गए होंगे की पृथ्वी के क्या हाल हैं और ऐसे ही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब हम तरस जाएंगे की कोई ऐसी जगह हो जहां हम साफ साँसे ले सके। कुछ कंपनी तो बोतल बंद हवा भी बेचने के फिरत में हैं। यकीं नहीं तो गूगल करके देख ले। सेल्फी के लिए नहीं अपने लिए पेड़ लगाए और हा सिर्फ पेड़ न लाये उसे जिलाए।


Saturday, 30 April 2016

जानिए क्या हैं लिनक्स(Ubuntu) और कैसे इस्तेमाल करे (All about linux(Ubuntu,linux mint)

एक वो दौर भी था जब दुनिया में माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल का बोलबाला था और इन दो कंपनियों के ऑपरेटिंग सिस्टम के अलावा दूसरा कोई पर्याय नहीं था। मान लीजिए ये कुछ ऐसा था की हम जो परोसे वही आपको कहना होगा। और फिर कही से लिनक्स आया और जैसे सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री के मायने ही बदल गए.
२५ अगस्त १९९१ में कंप्यूटर साइंस के विद्यार्थी जिसका नाम लिनस टोर्वल्ड  ने घोषणा की के वो एक ऑपरेटिंग सिस्टम बनना चाहता हैं जो मुफ्त होगा, और इस तरह से लिनक्स का जन्म हुआ. लिनक्स एक मुफ्त प्रणाली हैं जो GNU General Public License (GPL) के अंतर्गत आती हैं.


  1. लिनक्स क्या हैं।
  2. उबुन्टु लिनक्स क्या हैं।
  3. क्या लिनक्स के और भी प्रकार हैं।
  4. मुझे लिनक्स क्यों इस्तेमाल करना चाहिए।
  5. क्या लिनक्स सुरक्षित हैं।
  6. क्या मैं अपने सारे काम लिनक्स पे कर सकता हु.
  7. लिनक्स मुझे कहा मिलेगा।
  8. मैं लिनक्स को कैसे इनस्टॉल करू
  9. लिनक्स में टर्मिनल(TERMINAL) क्या होता हैं.
  10. लिनक्स पर सॉफ्टवेयर कैसे इनस्टॉल करते हैं।
  11. लिनक्स पर सॉफ्टवेयर चलते कैसे हैं।
  12. क्या मुझे एंटीवायरस की जरुरत हैं
  13. लिनक्स में पीडीएफ(PDF) फाइल कैसे देखते हैं।
  14. लिनक्स में पीडीएफ(PDF) फाइल कैसे बनाते हैं
  15. लिनक्स में पेन ड्राइव फॉर्मेट कैसे करते हैं।
  16. लिनक्स मेंCD /DVD कैसे बनाते हैं।
  17. लिनक्स में वर्ड(WORD/DOC) फाइल कैसे बनाते हैं।
  18. लिनक्स में टास्क मैनेजर(TASK MANAGER) कहा होता हैं।
  19. लिनक्स में कनेक्टिविटी(CONNECTIVITY) कैसे करे।
  20. लिनक्स में यूजर नाम कैसे चेक करे।
  21. लिनक्स में ip कैसे चेक करे।
  22. लिनक्स में ip कैसे चेंज करे।
  23. लिनक्स में नेटवर्क कैसे चेक करे।
  24. लिनक्स में दो कंप्यूटर के बिच कनेक्टिविटी को कैसे चेक करे।
  25. लिनक्स को रिस्टोर कैसे करे।
  26. लिनक्स को रेपैरे कैसे करे।
  27. लिनक्स को अपडेट कैसे करे।
  28. लिनक्स को अपग्रेड कैसे करे।
  29. लिनक्स में स्क्रीन शॉट कैसे ले।
  30. लिनक्स में कंट्रोल पैनल कहा होता हों।
  31. लिनक्स में प्रिंटर कहा होता हैं।
  32. लिनक्स में स्कैन कैसे कर ?
  33. लिनक्स में फॉन्ट(FONT) कैसे इनस्टॉल कर ?
  34. लिनक्स में वायफाय (wifi) कैसे कनेक्ट करे ?
  35. लिनक्स में फाइल शेयर कैसे करे ?  


1.लिनक्स क्या हैं।


साधारण भाषा में बोल जाये तो लिनक्स एक ऑपरेटिंग सिस्टम हैं।  उसी तरह जैसे माइक्रोसॉफ्ट window xp , window 7 , window 8 या एप्पल की mac ऑपरेटिंग सिस्टम  हैं।  हा कुछ मामलो में ये थोड़ी अलग हैं और वो हैं इसका लाइसेंस। जो की GNU General Public License (GPL) हैं।  जिसके तहद आप इस ऑपरेटिंग सिस्टम को मुफ्त में इस्तेमाल कर सकते हैं।


2.उबुन्टु लिनक्स क्या हैं।


वैसे तो लिनक्स कई प्रकार में उपलब्ध हैं जिसमे से एक तो सबसे ज्यादा इस्तेमाल में हैं।  और वो हैं एंड्राइड जो आप अपने मोबाइल में इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा लिनक्स के कई रूप हैं जैसे  Debian, Fedora, Mint, and Ubuntu, पर इनमे, सबसे ज्यादा प्रचलित हैं Ubuntu.
3.क्या लिनक्स के और भी प्रकार हैं।
आप सोच रहे होंगे की ये कैसा नाम हैं उबुन्टु (UBUNTU), तो आपको बताऊ इसके पीछे एक खूबसूरत किस्सा हैं.


"एक बार एक मानव विज्ञानिक अफ्रीकन जनजाति के बच्चों की आदतों पर शोध कर रहे थे। एक दिन उन्होंने बच्चों के साथ एक खेल आयोजित किया जिसमे एक पेड़ के निचे टॉफियों से भरी एक बास्केट रखी और कहा की जो सबसे पहले उस बास्केट तक जायेगा सभी टॉफिया उसकी हो जाएगी। सब बच्चे उस विज्ञानिक के इशारे का इंतजार करने लगे, और जैसे ही विज्ञानिक ने कहा की दौड़ो, सभी बच्चों ने एक साथ एक दूसरे के हाथ पकड़ लिए और भागकर पेड़ तक गए और सभी बच्चों ने मिल बांटकर टॉफियों का मजा लिया।  विज्ञानिक ने पूछा की तुम सब एक साथ क्यों दौड़े, जबकि जो पहले जाता उसको सारी टॉफिया मिल सकती थी। इसपर बच्चों ने उत्तर दिया "उबुन्टु". जिसका अर्थ था  की बाकि सबके दुखी होने पर एक कैसे खुश रह सकता हैं. अफ्रीकन लोगो का मनना हैं की मैं जो भी हु सिर्फ इसलिए हु क्युकी हम हैं "  


और इस तरह से उबुन्टु का नाम लिनक्स की इस प्रणाली को दिया गया.


4.मुझे लिनक्स क्यों इस्तेमाल करना चाहिए।
इस प्रश्न का उत्तर मैं और एक प्रश्न से दूंगा।और वो ये हैं की क्या आपका कंप्यूटर वक्त के साथ धीमा (slow) हो रहा हैं।  क्या आप हर बार एंटीवायरस अपडेट करते हैं। क्या आप बार बार अपने कंप्यूटर को अपडेट करते हैं और हां क्या आपका ज्यादा समय कंप्यूटर को सुरक्षित कैसे रखु इसमें जाता हैं ? अगर आपका उत्तर हा हैं तो आपको लिनक्स इस्तेमाल करना होगा।  लिनक्स में आपको बार बार अलग अलग सॉफ्टवेयर को अपडेट नहीं करना पड़ता और ना ही वायरस का ज्यादा खतरा होता हैं। लिनक्स एक स्थिर प्रणाली हैं जो वक्त के साथ धीमी नहीं होती और कई गलतियां प्रचलित होने से पहले ही दुरुस्त की जाती हैं। आप अपना पूरा ध्यान सिर्फ काम पर लगा सकते हैं ना की वायरस ढूंढने में.


5.क्या लिनक्स सुरक्षित हैं।  


वैसे तो दुनिया की कोई प्रणाली सुरक्षित नहीं हैं, हा मगर सुरक्षा का स्तर जरूर कम  ज्यादा हैं. लिनक्स काफी हद तक सुरक्षित हैं क्युकी दुनिया भर के कई लोग इसपर काम करते रहते हैं इसे बेहतर बनाने के लिए, और कई गलतियां और दोष सर उठाने के पहले ही सुधार दिए जाते हैं.लिनक्स में आप एंटीवायरस के बिना भी काम कर सकते हैं. लिनक्स की कार्य करने की प्रणाली कुछ इस तरह से विकसित की गयी हैं की वायरस बनने वाले और हैकिंग करने वालो को काफी परेशानियां उठानी पड़ती हैं।
6.क्या मैं अपने सारे काम लिनक्स पे कर सकता हु.
जी हा।  आप अपने सारे काम लिनक्स पर कर सकते हैं।  क्युकी आप विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम और उसके सॉफ्टवेयर से रूबरू हैं।  यहाँ लिनक्स में आपको थोड़ा समय देना पड़ेगा क्यों यहाँ सॉफ्टवेयर के नाम जरा अलग होते हैं.
उदा.
लिनक्स में माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस (Microsoft Office) नहीं होता यहाँ लिब्रे ऑफिस (Libre Office) होता हैं. और उसमे इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर के नाम मैं दे रहा हु.
विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम और लिनक्स के सॉफ्टवेयर :
माइक्रोसॉफ्ट वर्ड (Microsoft word  ) -> लिब्रे राइटर (Libre Writer )
Excel -> Calc
PowerPoint  -> Impress
Access ->DB
libre office
और भी कई सॉफ्टवेयर हैं जो मैं आपको आगे बताऊंगा।


7.लिनक्स मुझे कहा मिलेगा।


लिनक्स आप सीधे उसकी वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।
उदा.
उबुन्टु (Ubuntu ) के लिए http://www.ubuntu.com/desktop
लिनक्स मिंट (Linux Mint ) के लिए https://www.linuxmint.com/download.php    


और हा कोई पैसे नहीं भरने पड़ेंगे हा अगर आप लिनक्स वालो का आभार व्यक्त करना चाहते हैं तो दान जरूर करे।
सूचना : लिनक्स इनस्टॉल करने के पहले अपना सारा डेटा बैकअप लेले। लिनक्स पुरानी ऑपरेटिंग सिस्टम और उसका डेटा डिलीट कर देता हैं।


8.मैं लिनक्स को कैसे इनस्टॉल करू


लिनक्स को आप दो तरीकों से इनस्टॉल कर सकते हैं।  


१.CD /DVD  से     २. Pendrive (पेन ड्राइव ) से
आजकल पेन ड्राइव से इनस्टॉल करने का चलन हैं. सो आप भी पेन ड्राइव से ही इनस्टॉल करे.
सबसे पहले आपको एक सॉफ्टवेयर इनस्टॉल करना पड़ेगा जिसकी सहायता से आप पेंड्रीवे को बूटेबल बनाएंगे। ऑपरेटिंग सिस्टम इनस्टॉल करने के लिए आपको बूटेबल पेन ड्राइव चाहिए और इसे बनाने का तरीका हैं, या तो आप Unetbootin  सॉफ्टवेयर ले या फिर Rufus सॉफ्टवेयर ले। आपके लिए Rufus ज्यादा अच्छा रहेगा.
             
इन सॉफ्टवेयर को आप यहाँ से डाउनलोड कर सकते हैं.


             बूटेबल पेन ड्राइव कैसे बनाए इसकी जानकारी इस वेबसाइट पैर हैं। एक बार पेन ड्राइव बूटेबल हो जाने पर आपको अपने लैपटॉप या कंप्यूटर की बायोस (BIOS) सेटिंग चेंज करनी होगी। जिसके लिए आपको कंप्यूटर चालू करते ही या तो DEL बटन  दबनी होगी या फिर कुछ कंप्यूटर में F12 दबा के भी काम हो जाता हैं। आपके कंप्यूटर के हिसाब से आपको पता करना होगा की कोनसी बटन दबाए. बायोस (BIOS) की स्क्रीन अधिकतर कंप्यूटर में नीली होती हैं. वह आपको "change boot device priority" में पेन ड्राइव को पहले नंबर पर लाना होता हैं और फिर F10  दबाना होता हैं. पेन ड्राइव को पिछले पोर्ट में डाले.


अब कंप्यूटर/लैपटॉप को रीस्टार्ट कर दे और आपको उबुन्टु की स्क्रीन  दिखेगी.
यहाँ आपको भाषा का चयन करना होगा।आप इंग्लिश का चयन करे. हम बादमे भाषा बदल सकते हैं। यहाँ आपको भाषा का चयन करना होगा।आप इंग्लिश का चयन करे. हम बादमे भाषा बदल सकते हैं। यहाँ आपको दो ऑप्शन दिखेंगे Try ubuntu और install ubuntu  आप चाहे तो इनस्टॉल करने के पहले उसे try कर सकते हैं ये एक अच्छा ऑप्शन हैं. और दूसरे ऑप्शन से आप उबुन्टु को इनस्टॉल कर सकते हैं
एक बार आप install ubuntu पे क्लिक करते हैं तो ऐज आपको ऐसी स्क्रीन दिखेगी, यहाँ आपको दोनों बॉक्स को सेलेक्ट नहीं करना हैं। क्युकी अगर आप इंटेटनेत से जुड़े हैं ये आपका काफी पड़ता इस्तेमाल करेगा और इंस्टालेशन में टाइम काफी लगेगा।
continue करे
यहाँ आपको ४ ऑप्शन दिखेंगे
Erase disk and install ubuntu.
Encrypt the new Ubuntu installation for security.
Use LVM with the new Ubuntu installation.
Something else.
यहाँ आप पहला ऑप्शन सेलेक्ट करे. और install now  करे.


इस जगह लिनक्स आपको पूछेगा की कितनी जगह उबुन्टु को देनी हैं और कितनी डेटा को. ये आप माउस से काम ज्यादा कर सकते हैं. जगह का चयन होने पर install now पर क्लिक करे.


इस स्क्रीन पर आपको अपना देश सेलेक्ट करना होगा। मान लीजिए आप अगर भारत में हैं तो भारत देश पर क्लिक करे, हा मगर क्लिक करने पर कोलकाता सेलेक्ट करे.


इस स्क्रीन पर आप english(uk) सेलेक्ट करे क्यों की ये दुनिया में प्रचलित हैं। इसमें चूक कतई न करे वर्ना आगे काफी दिक्कत आ सकती हैं।


इस स्क्रीन पर आपका यूजरनेम  और अपना पासवर्ड(पासवर्ड थोड़ा बड़ा दाल डाले)।और Required my password to log in पर क्लिक करना हैं.
बस हो गया।  लिनक्स इनस्टॉल हो जायेग। अब आप चाहे तो अपने लिए चाय बना सकते हैं।
इस स्क्रीन पर आपको पेन ड्राइव निकल लेना हैं और restart now  पर क्लिक करना हैं.
लिनक्स मिंट (Linux  Mint) कैसे इनस्टॉल करे.
आप चाहे तो एक साथ विंडोज और लिनक्स भी चला सकते हैं।  इसके लिए मुझे  कमेंट में लिखे।


9.लिनक्स में टर्मिनल(TERMINAL) क्या होता हैं.  


साधारणतः हम सभी ऑपरेटिंग सिस्टम में इनपुट और आउटपुट माउस द्वारा या फिर किसी सांकेतिक चित्र(icon) पर क्लिक करके देते हैं। पर कुछ ऐसे कमो के लिए जहां कई साडी जानकारी चाहिए होती हैं हम कंप्यूटर को स्पष्ट कमांड देने होते हैं और यहाँ टर्मिनल (TERMINAL) इस्तेमाल में आता हैं. टर्मिनल वो रास्ता मोहिया करता हैं जिसके इस्तेमाल से आप कंप्यूटर को शब्दों में कमांड देते हैं या फिर कंप्यूटर से जानकारी लेते हैं. अगर आप एक लिनक्स पावर यूजर बनना चाहते हैं तो आपको टर्मिनल का ज्ञान होना चाहिए.
टर्मिनल चालू करने के लिए Alt + Ctrl  + Del एक साथ प्रेस करे।
टर्मिनल की कुछ कमांड जो आपको याद होनी चाहिए वो इस तरह हैं।


उदा.
आपको कोई सॉफ्टवेयर चालू करना हैं जैसे Firefox  टाइप करे firefox और इंटर दबाए।
आपको firefox  में www.cloudyrathor.com  ये साइट खोलनी हैं टाइप करे firefox www.cloudyrathor.com और इंटर दबाए।
10. लिनक्स पर सॉफ्टवेयर कैसे इनस्टॉल करते हैं।
वैसे तो लिनक्स में सॉफ्टवेयर, टर्मिनल से इनस्टॉल करते हैं पर क्युकी हम उबुन्टु इस्तेमाल कर रहे हैं तो आप इसे सॉफ्टवेयर मैनेजर से भी कर सकते हैं।




और सर्च बॉक्स में आपको जो सॉफ्टवेयर इनस्टॉल करना हैं टाइप करे. ये  कुछ इस तरह हैं की जैसे आप अपने मोबाइल में आप इनस्टॉल करते हैं.


दूसरा तरीका हैं।  टर्मिनल (Terminal) से।  इसके लिए आपको टाइप करना होगा


उदा.
   "sudo apt-get update" और इंटर दबाए।
   "sudo apt-get install <software name >" और इंटर दबाए।
जैसे
  "sudo apt-get install rdesktop" यहाँ rdesktop ये सॉफ्टवेयर का नाम हैं जिसे मैं इनस्टॉल करना  चाहता हु.
11.लिनक्स पैर सॉफ्टवेयर चलते कैसे हैं।


सॉफ्टवेयर रन करने के लिए आपको या तो मेनू में से उसे क्लिक करना होगा या फिर terminal में टाइप करना होगा.
उदा.
   "sudo <और सॉफ्टवेयर का नाम >"
जैसे "sudo firefox" यहाँ firefox ये सॉफ्टवेयर का नाम हैं
12.क्या मुझे एंटीवायरस की जरुरत हैं


वैसे तो लिनक्स में एंटीवायरस की जरुरत नहीं होती पर कभी कभी हमे किसी विंडोज कंप्यूटर के लिए स्कैन करना हो तो आप clamtk  इनस्टॉल करे. clamtk आपको विंडोस और लिनक्स दोनों के लिए उपलब्ध हैं. और कोई तड़क भड़क नहीं। इस एंटीवायरस को इनस्टॉल करने पर आपको कोई लुभावनी स्क्रीन नहीं आएगी।मगर हा, ये वो काम बखूबी से करता हैं जिसके लिए इसे बनाया गया हैं, और वो हैं वायरस को पकड़ना. और हा ये free हैं. free एंटीवायरस के लिए यहाँ क्लिक करे.  www.cloudyrathor.com
 
13.लिनक्स में पीडीएफ(PDF) फाइल कैसे देखते हैं।


वैसे तो लिनक्स में डिफ़ॉल्ट PDF रीडर होता हैं पर मैं आपको okular इनस्टॉल करने की सलाह दूंगा। इसकी सहायता से आप की फाइल में हाईलाइट कर सकते हैं काफी सरे दूसरे फीचर भी हैं. इंस्टॉल करने के लिए 10 वा प्रश्न देखे।


14.लिनक्स में पीडीएफ(PDF) फाइल कैसे बनाते हैं


लिनक्स में PDF फाइल बनाना  काफी आसान हैं।
१. अगर आप libre-office में डॉक्यूमेंट बना रहे हैं तो File मेनू में जाये और वहा आपको Export to pdf ऑप्शन दिखेगा वहां क्लिक कर दे।






२. दूसरा तरीका हैं File मेनू में जाये और Print option में क्लिक करे.





15.लिनक्स में पेन ड्राइव फॉर्मेट कैसे करते हैं।

लिनक्स में पेन ड्राइव फॉर्मेट करने का सबसे अच्छा तरीका हैं आप DISKS यूटिलिटी खोले और वहा आपका पेन ड्राइव सेलेक्ट करे और फॉर्मेट करदे। मगर सावधानी से फॉर्मेट करे।  अगर अपने गलती से ड्राइव गलत सेलेक्ट कर्ली तो पूरी हार्ड डिस्क फॉर्मेट हो सकती हैं. 






















16.लिनक्स मेंCD /DVD कैसे बनाते हैं।

लिनक्स में CD/DVD बनाने के लिए आपको BRASERO इनस्टॉल करना होगा.
















ये एक आसान सॉफ्टवेयर हैं जिसके द्वारा आप CD/DVD बना सकते हैं.
सॉफ्टवेयर के खुलने पर जिस टाइप का डेटा आपको डालना हैं उसपर क्लिक करे. जैसे, आपको गाने डालना हो तो Audio पर क्लिक करे और "+" चिन्ह पर क्लिक करे और डेटा को डाले। एक बार डेटा रेडी होने पर "BURN" इस बटन पर क्लिक करे. आपका काम हो जायेगा।


















17.लिनक्स में वर्ड(WORD/DOC) फाइल कैसे बनाते हैं।

जिस प्रकार आप विंडोज में माइक्रोसॉफ्ट वर्ड इस्तेमाल करते हैं. उसी प्रकार लिनक्स में आपको कई पर्याय हैं. जैसे ओपन ऑफिस (open office) और लिब्रे ऑफिस (libre office) जिसमे libre office ज्यादा इस्तेमाल में आता हैं। जैसे की ये लिनक्स का ऑफिस सूट हैं , तो इसमें थोड़े नाम अलग हैं.



उदा. 

      यहाँ वर्ड(WORD) को Writer कहते हैं (क्युकी हम इसमें write करते हैं.)
      Power-point को impression कहते हैं. (क्युकी हम इसके द्वारा बॉस के सामने इम्प्रैशन डालने की कोशिश करते हैं)
      उसी तरह एक्सेल(Excel) को Calc कहते हैं.

18.लिनक्स में टास्क मैनेजर(TASK MANAGER) कहा होता हैं।

जिस तरह से विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम में टास्क मैनेजर होता हैं उसी तरह  सिस्टम मॉनिटर(system monitor) होता हैं जिसमे आप देख सकते हैं की कोनसी प्रोसेस  चल रही हैं और सिस्टम का परफॉरमेंस कैसा हैं.















19.लिनक्स में कनेक्टिविटी(CONNECTIVITY) कैसे करे।

अक्सर हमें दो कंप्यूटर कनेक्ट करने या फिर वो कनेक्ट हैं इसे चेक करने की जरुरत पड़ती हैं। सबसे पहले तो ये चेक करे की दूसरा कंप्यूटर आपसे कनेक्ट है या नहीं इसे चेक करने के लिए पहले जिस कंप्यूटर से आपको कनेक्ट होना हैं उसका console ओपन करे शॉर्टकट हैं ctr + alt +t  और टाइप करे ifconfig और वहां देखे की उसका ip क्या हैं। 




फिर आपके कंप्यूटर पर कंसोल में टाइप करे  ping दूसरे कंप्यूटर का ip और फिर एंटर करे अगर पिक्चर में दिखाए गए मैसेज जैसा रिप्लाई आता हैं तो आपका कंप्यूटर दूसरे कंप्यूटर से कनेक्ट हैं. 















उबुन्टु में फाइल शेयरिंग करनी हो तो फाइल मैनेजर खोले और वहां आपको कनेक्ट तो सर्वर (Connect to server) ऑप्शन मिलेगा उसपर क्लिक करे और लिखे smb:// और आपको  जिस मशीन को कनेक्ट होना चाहते हैं





















उसका आय पि(IP) एड्ड्रेस। मगर हा इसके पहले आपको साम्बा सर्वर (samba  server) इनस्टॉल करना होगा। जिसे आप सॉफ्टवेयर मैनेजर (software manager) से या फिर कंसोल (console) से भी कर सकते हैं "sudo apt-get install samba टाइप करना हैं.

जो फोल्डर आपको शेयर करना हो उसे पहले शेयरिंग में डालना होगा इसके लिए आपको फोल्डर पे राइट क्लिक करना होगा और local network share 



आप चाहे तो सबके साथ इसे शेयर कर सकते हैं.  इसके लिए आपको निचे के दोनों ऑप्शन सेलेक्ट करने होगे. 

20.लिनक्स में यूजर नाम कैसे चेक करे।

उबुन्टु में यूजर नेम चेक करने के लिए आपको कंसोल में टाइप करना हैं whoami आपका यूजर नेम मिल जायेगा

























21.लिनक्स में ip कैसे चेक करे।

console ओपन करे शॉर्टकट हैं ctr + alt +t  और टाइप करे ifconfig और वहां देखे की उसका ip क्या हैं।


22.लिनक्स में ip कैसे चेंज करे।

1.उबुन्टु में ip चेंज करना बड़ा आसान हैं चित्र  दिखाए गए आइकॉन पैर क्लिक करे और edit connection पर क्लिक करे. 



2.अब wired कनेक्शन पर क्लिक करे और एक नया कनेक्शन add करने के लिए add बटन पर क्लिक करे. 



3.क्योंकि हम ipv 4  इस्तेमाल  करते हैं इसलिए ipv ४ settings पर क्लिक करे और चेंज करले अपना ip . 


23.लिनक्स में दो कंप्यूटर के बिच कनेक्टिविटी को कैसे चेक करे।

लिनक्स में कनेक्टिविटी चेक करने के लिए बड़ा आसान तरीका हैं. ctr + alt +t दबाये और टाइप करे ping उस कंप्यूटर का एप एड्रेस जिससे कनेक्टिविटी चेक करना हो. उदा. ping 192.168.0.1  अगर आपको रिप्लाई आता हैं तोह आपका कनेक्शन सही हैं वरना कुछ प्रॉब्लम हैं।