Wednesday, 13 January 2016

मोबाइल जो आपकी दुनिया बदल सकता हैं (secrets of mobile phone)


जी नहीं आपको कोई दूसरा मोबाइल लेने की जरुरत नहीं हैं आपको सिर्फ अपने मोबाइल में कुछ एप इनस्टॉल करने हैं और आपके हाथ में वो टेक्नोलॉजी आ जाएगी जिसके लिए कभी जेम्स बॉन्ड तड़पता था.


क्या आप सोचते हैं की आपको स्पष्ट इंग्लिश नहीं आती ? कोई बात नहीं।


क्या आपको कुछ चीजो को पहचानने में मुश्किल होती हैं. (GOOGLE गूगल)




मान लीजिये आप के सामने कई चीजे हैं उदा काफी मोबाइल हैं मगर उसपर से नंबर गायब हैं और आपको जानना हैं की वो मॉडल कोनसा हैं. या फिर मान लीजिये आपके सामने कुछ तस्वीरें हैं और आपको उन लोगो के नाम नहीं पता. कोई बात नहीं अपना मोबाइल निकालिये और इनस्टॉल करे गूगल गॉगल और शुरू  हो जाइये। यहाँ तक की आप इसके सामने पैसो की नोट रखेंगे तो ये बताएगा की वो नोट कितने की हैं और असली हैं या नकली.


भाषांतर कैसे करे ?(google translate)




मान लीजिये आप किसी ऐसे व्यक्ति से बात कर रहे हैं जो हिंदी नहीं जनता और आप इंग्लिश नहीं जानते।  कैसे करेंगे आप उस व्यक्ति से बात ? जवाब हैं आपका मोबाइल। आपका मोबाइल किसी भी भाषा में भाषांतर कर सकता हैं जैसे की किसी तमिल व्यक्ति से बात करनी हैं. तो मोबाइल में तमिल सेलेक्ट करे और हिंदी सेलेक्ट करे और आप पाएंगे की मोबाइल भाषांतर कर रहा हैं. हा ये जजुर हैं की भाषांतर में कुछ सुधार बाकि हैं पर आप उसे इस्तेमाल कर सकते हैं. इसी तरह अब भाषा की कोई बाधा नहीं रही.


अपनी भाषा में टाइपिंग कैसे करे. (google input tool) :








अब वो दिन नहीं रहे जब हमें टाइपिंग की क्लासेस लगानी पड़ती थी और टाइपिंग सीखनी पड़ती थी. और अगर टाइपिंग अपनी भाषा में हो तोह क्या कहने। मगर अपनी भाषा में टाइपिंग करना एक सिरदर्द से काम न था. तो कैसे करेंगे आप अपनी भाषा में टाइपिंग।आपको बस इतना करना हैं गूगल पर टाइप करना हैं "google input tool" और "try it out" बटन दबाना हैं. और अपनी भाषा का चुनाव करना हैं. और सुरु हो जाना हैं अब आप अपनी पुस्तक लिख सकते हैं या अपनी जानकारी को अपनी भाषा में संजो सकते हैं. हा मगर आप टाइप कैसे करेंगे। बस आपको करना ये हैं की फोनाटिक भाषा में टाइप करना हैं उदा. "good morning mitro" और गूगल आपको गुड मॉर्निंग मित्रो टाइप कर देगा. हैं ना मजेदार ?


क्या हैं गूगल नाउ (google now launcher) :




अक्सर हम अपनी रोज मरहा की भागदौड़ में कई ऐसे काम भूल जाते हैं जो हमें याद रखने होते हैं. जैसे समाचार पढ़ना या फिर रेलवे का pnr देखना या फिर आपकी फ्लाइट का टाइम याद रखना। तो गूगल नाउ आपको ये सब देता हैं. आप चाहते हैं की आपके बोलने भर से आपका मोबाइल किसी को फ़ोन लगाये या फिर आपके पूछे जाने पर आपको समय बताये। आपके बोलने पर वो गाने बजाये और आजका तापमान भी बताये तो गूगल नाउ आपके लिए हैं. आप अपने मोबाइल में इसे इनस्टॉल कर सकते हैं. गूगल नाउ आपको आपके घर जाने का समय भी बताएगा और साथ ही आप घर से कितनी दूर हैं ये भी. आप कहेंगे की किसी जगह को ढूंढो तो वो भी करेगा।


उदा.
१. आपको बोलना हैं ओके गूगल और गूगल नाउ आपकी आज्ञा सुनाने के लिए तैयार हो जायेगा फिर आपको बोलना हैं. what is time now ? और गूगल नाउ बोलकर सुनाएगा की समय क्या हुआ हैं.
२. आपको फ़ोन लगाना हैं तो बोलिए ओके गूगल और फिर बोले कॉल टू व्यक्ति का नाम और अगर आपका मोबाइल डबल सिम हैं तो यस बोलना हैं.
३. आपको रास्ता ढूंढना हैं तो बोलिए ओके गूगल और फिर बोलिए नेविगेट टू जगह का नाम.
४. आपको गाने चलना हैं तो बोलिए ओके गूगल और फिर प्ले द म्यूसिक और गाने चला देगा.


गूगल डॉक्स क्या होता हैं.(google docs) :



अक्सर हमे जब कोई एपलिकेशन टाइप करनी होती हैं या कोई प्रेजेंटेशन बनाना होता हैं या फिर हिसाब किताब करना होता हों तब हम एम यस ऑफिस इस्तेमाल करते हैं. मानलीजिए किसी कंप्यूटर पर ये न होतो कैसे करेंगे आप अपना काम. यहाँ गूगल डॉक्स आपकी मदद कर सकता हैं. यही नहीं काफी लोग एक साथ एक ही फाइल पर काम कर सकते हैं और फाइल में होने वाले बदलाव सबको दिखेंगे और ये भी पता चलेगा की ये बदलाव कौन कर रहा हैं. बस आपको अपना गूगल डॉक्स लोगो के साथ शेयर करना होगा.


मेरा प्रयास हैं की ज्यादा से ज्यादा ज्ञान आपके साथ बाटू। इस दौरान कोई ऐसी बात जो आपको नहीं समझी हो या मैंने अधूरी लिखी हो तो अपना सुझाव जरूर दे. आपके सुझाव मुझे बेहतर लिखने की प्रेरणा देते हैं. अगर आप किसी विशिष्ट टॉपिक के बारे में जानना चाहते हैं तो बताये मैं जरूर प्रयास करूँगा. खुश रहे जीवन का मजा ले.


Saturday, 9 January 2016

80% लोग गूगल के बारे में यह नहीं जानते (secrets of google)

क्या आप गूगल के बारे में ये जानते हैं.

अक्सर हम दिये तले अँधेरा ये कहावत इस्तेमाल करते हैं.  क्या हमभी ऐसा तो नहीं करते। तो चलिए देखते हैं क्या क्या  छुपा हैं गूगल की मुट्ठी में। वैसे तो गूगल की मुक्य सेवा सर्च इंजन हैं जो हम रोज मरहा इस्तेमाल करते हैं पर क्या आप जानते हैं इस एक सेवा के आलावा भी ऐसी काफी सेवाएं हैं जिससे हम अंजान हैं. चलिए सुरुवात करते हैं सबसे मूलभूत सेवा से, जो हैं सर्च इंजन। जिसपर हम न जाने क्या क्या ढूंढते रहते हैं पर क्या कभी ये सोचा हैं की गूगल पर ढूंढने के भी काफी तरीके हैं. चलिए देखते हैं वे क्या हैं.  

१. स्पष्ट सर्च (explicit search) : अक्सर सर्च करते समय हमे बहुत सारी जानकारी दिखती हैं पर मैं अपने सर्च पर स्पष्ट हु और जो मैं टाइप कर रहा हु सिर्फ वही गूगल ने दिखाना चाहिए ऐसा आपको लगता हैं तो किसी भी keyword  को "keyword" ऐसे लिखे
उदा. मान लीजिये आपको सर्च करना हैं gondwana university question papers तो गूगल आपको मिलते जुलते काफी साइट दिखायेगा जैसे यूनिवर्सिटी की वेबसाइट, पर वाहा तो पेपर्स हैं ही नहीं अब "gondwana university question papers " लिखे और देखिये आपको सिर्फ वे साइट्स दिखेंगे जिसपर पेपर्स हैं, जैसे cloudyrathor.com .

२.शब्द रहित सर्च (Exclude word search): कभी कभी कुछ ऐसे सर्च करना होता हैं की उसमे कुछ ऐसे शब्द न आये जो हम नहीं चाहते। मानलीजिए हमें सर्च करना हैं कुछ फलो से सम्बंधित लेख पर. तो हम कुछ इस तरह करेंगे blackberry. अरे मगर ये क्या हुआ गूगल तो blackberry फ़ोन से सम्बंधित जानकारी दिखाने लगा पर हमें तो ब्लैकबेरी फल ढूंढना था. अब ये करे blackberry - fruit. क्या दिखा फल या फ़ोन. इस तरह से आपको सिर्फ वो मिलेगा जिसे आप ढूंढ रहे हैं.

३. लक्षित सर्च (टार्गेटेड सर्च) : मान लीजिये आपको ढूंढना हैं television जो की सिर्फ samsung कंपनी का होना चाहिए और उसीकी साइट पर दिखना चाहिए और आपने टाइप किया samsung  television  तो गूगल आपको बहुत सारी साइट्स दिखायेगा और साथ में कई ऐसीभी साइट दिखायेगा जो सैमसंग की नहीं हैं पर वो सैमसंग की टीवी बेचती हैं अब कुछ ऐसे सर्च करे samsung  television site:samsung.com एक उदाहरण ले लीजिये, मान लीजिये आपको kumbh mela में इस्तेमाल होने वाली  टेक्नोलॉजी के बारे में जानना हैं और अपने kumbh mela टाइप किया तो कई सारी साइट दिखेगी मगर आपने kumbh mela site:cloudyrathor.com टाइप किया तो आपको सिर्फ क्लौडी राठोर साइट के ही आर्टिकल दिखेंगे। करके देखे।

४.सम्बंधित सर्च (related search) : अगर आप किसी वेबसाइट के बारे में संक्षिप्त में जानकारी चाहते हैं की उस वेबसाइट पर जो जानकारी हैं वो किस से सम्बंधित हैं या उस वेबसाइट पर क्या क्या हैं तो टाइप करे related :cloudyrathor.com जैसेही आप related :  लिखते हैं गूगल आपको सिर्फ उस अकेली वेबसाइट से सम्बंधित आर्टिकल दिखायेगा।चाहो तो बिना related : लिखे भी आप सर्च कर सकते हो. और फर्क देखे।

५. आप चाहते हैं की जो मैं सर्च कर रहा हु वो किसी आर्टिकल का शीर्षक (हैडिंग) हो तो आपको कुछ इस तरह से सर्च करना होगा allintitle:free antivirus और गूगल आपको उन सभी साइट में से जो free antivirus से सम्बंधित हैं उनमेसे सिर्फ वो दिखायेगा जिनके शीर्षक में free antivirus लिखा हो.  

६. ध्वनि सर्च(voice search) : अगर आप चाहते हैं की आप गूगल को अपनी आवाज में सर्च कमांड दे तो ये हो सकता हैं बशर्ते आपके कंप्यूटर में माइक होना चाहिए. अगर आप लैपटॉप या मोबाइल इस्तेमाल करते हैं तो उसमे माइक होता हैं. बस करना ये हैं की गूगल की स्क्रीन पर माइक बना होगा जिसे आपको क्लिक करना होगा और फिर बोलना होगा.
उदा. व्हाट इस टाइम नाउ ? और गूगल आपको टाइम बताएगा.

७. फोटो सर्च (image search) : अगर आप किसी ऐसे चीज के बारे में जानना चाहते हो जिसकी आपके पास फोटो हैं मगर आपको पता नहीं की वो क्या हैं. या किसी व्यक्ति के बारे में जानना चाहते हैं उसकी फोटो से तो https://images.google.com/ पर जाये और कैमरा आइकॉन पर क्लिक करे आपको जवाब मिल जायेगा बशर्ते आपके पास कंप्यूटर पर कैमरा लगा हो. वैसे मोबाइल और पहले से ही कैमरा होता हैं. अगर आपके पास स्मार्ट फ़ोन हैं तो आप उसमे google goggles नामक एप से भी ये कर सकते हैं. एक बार जरूर करके देखिये बड़ा मजा आएगा.

८. गूगल और कुछ मज़ेदार बाते :

८.१ अगर आप अपने शहर का मौसम जानना  चाहते हैं तो टाइप करे weather : अपना पिनकोड उदा. weather:110001
८.२ अगर आपको एक कैल्क्युलेटर चाहिए तो बस टाइप करे २+२ और गूगल आपको रिजल्ट दे देगा
८.३ क्या आप किसी शब्द का अर्थ जानना चाहते हैं तो टाइप करे define : आपका शब्द  उदा. define:fast
८.४ क्या आप किसी शब्द का मूल जानना चाहते हैं जैसे की guru तो टाइप करे etymology guru
८.५ अगर  जानना  टाइप करे time
८.६ अगर आप किसी त्यौहार की तारीख जानना  चाहते हैं तो टाइप करे त्यौहार का नाम उदा. makar sankranti २०१६
८.७ आपके शहर में कोनसी फिल्म लगी हैं टाइप करे movie : 110041
८.८ क्या आप पैसो को डॉलर में चेंज करना चाहते हैं टाइप करे inr to dollar
८.९ क्या आपको फ्लाइट की फ़िलहाल की स्तिथि देखनी हैं टाइप करे flight number

और अगर आप चाहते हैं की गूगल आपका पर्सनल असिस्टेंट बने तो अपने स्मार्ट फ़ोन में google launcher नमक एप इनस्टॉल करे और गूगल आपके बोलने पर काम करेगा बस आपको बोलना हैं. ok google

अगर आपको ये आर्टिकल अच्छा लगा हो तो शेयर करे और कुछ सुझाव हो तो कमेंट लिखे। अगली बार मिलेंगे तब तक खुश रहे जीवन का मज़ा ले।









Tuesday, 5 January 2016

क्या आप सुरक्षित हैं ऑनलाइन की दुनिया में ? (are you safe in online market)

क्या आप ऑनलाइन बैंकिंग करते हैं या ऑनलाइन शॉपिंग ? अगर आपका उत्तर हा हैं तो ये आर्टिकल आपके लिए हैं.


आगे बढ़ते दौर के साथ अगर हम आगे न बड़े तो ये बेमानी होगी।  हर व्यक्ति को आगे बढ़ना ही चाहिए।  और अगर बात टेक्नोलॉजी की हो तो वह सीखनी ही चाहिए। तभी हम ज़माने के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल पाएंगे. ऐसा ही कुछ ऑनलाइन मार्केट के साथ हैं. आए दिन हम टीवी पर इंटरनेट पर खरीद बिक्री की बाते सुनते है। और सोच में पड़ जाते हैं क्या यह सुरक्षित हैं। और बहुत बार अखबारों में यह सुनकर डर लगने लगता हैं की फलाने व्यक्ति के साथ ऑनलाइन धोखा हुआ हैं.

कैसे बचे हम इन चीजो से  ? और कैसे करे सुरक्षित ऑनलाइन खरेदी। ? इस आर्टिकल में मैं आपको कुछ बिलकुल ही साधारण पर बहुत ही प्रभावी  उपाय बताने जा रहा हु. इन उपायो का इस्तेमाल करके आप इन सभी धोखाधडियो से बच सकते हैं. या कम तो जरूर कर सकते हैं.

१. किसी भी वेबसाइट को, वो चाहे बैंक की हो या फिर ऑनलाइन शॉपिंग की गूगल पे सर्च करके न खोले। जहा तक हो सके खुद टाइप करे और याद रखे की एकभी गलती न हो. वरना आप फिशिंग साइट की चपेट में आ सकते हैं. फिशिंग वो प्रणाली हैं जिसके इस्तेमाल से आपकी जानकारी आपके द्वारा चुराई जाती हैं.

उदा. मान लीजिये आपकी बैंक हैं ixixi.com और आपसे गलती से iixixi.com टाइप हो गया तब भी आपकी वेबसाइट खुलेगी, और हा  दिखेगी भी एकदम ओरिजिनल वेबसाइट जैसी पर जब आप इसमें अपना यूजर नेम और पासवर्ड डालेंगे तब वह उस साइट के मालिक के पास चला जायेगा वो बादमे इसका दुरूपयोग कर सकता हैं. आजकल यह तरीका काफी हद तक नहीं चलता क्युकी बैंको ने OTP नाम की प्रणाली विकसित करली हैं जिसमे आप तब तक बैंक व्यवहार नहीं कर सकते जब तक आपको मोबाइल पैर मैसेज न आजाये.

२. अगर आप वेबसाइट पर आर्थिक व्यवहार कर रहे हो. तो  जरूर निश्तित करे की आपकी वेबसाइट सुरक्षित हैं. इसको जानने का एक तरीका हैं, वेबसाइट के खुलते ही एड्रेस बार में देखे की वह https:\\ लिखा हो. नाकि http:\\ ये छोटा  फर्क  आपको  जालसाजों  से बचा सकता हैं.


३. एक्सपर्ट लोगो द्वारा हमेशा हिदायत दी जाती हैं की हर कुछ समय बाद अपना पासवर्ड बदले और हर साइट के लिए अलग पासवर्ड चुने. साहाब हम इंसान हैं मशीन नहीं के इतने पासवर्ड याद रखे। पर उनका यह कहना भी तो गलत नहीं हैं. तो कैसे रखे याद इतने सारे पासवर्ड को याद. इसका  जो मैंने इजात किया हैं और आपसे शेयर करना चाहता हु.
मान लीजिये आप www.amazon.com  की वेबसाइट पर हैं. तो पासवर्ड का चयन इस तरह करे. (amaz + आपका वो पासवर्ड जिसे आप हमेशा इस्तेमाल करते हैं. + आपकी गाड़ी का नंबर )

उदा. amaz + common password+ 1234  = amazcommonpassword1234  

और इस तरह आपका पासवर्ड हर वेबसाइट के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड होगा.
आप चाहे तो इसकी जगह बदल सकते हैं

उदा. common  password  + amaz + 1234 जैसे आप चाहे.

इसी तरह आप www.flipkart.com या ebay.com के साथ भी कर सकते हैं.   

४. ऑनलाइन व्यवहार अगर आप क्रेडिट कार्ड से कर रहे हैं तो एक और बात का आपको ध्यान देना होगा और वो हैं. back button.  कभी कभी इंटरनेट की धीमी रफ़्तार की वजह से हम व्यवहार करते समय रिफ्रेश या back बटन दबा देते हैं. और अगर ऐसा हुआ तो हो सकता हैं की आपके कार्ड से दो बार भुकतान हो जाये.
५. एक बात अपने दिमाग में डाल  दे की आपकी बैंक आपको कभी भी फ़ोन नहीं करती और अगर आपसे काम हैं तो वह आपको पत्र द्वारा सूचित करती   हैं. इसलिए अगर आपको किसीका  फ़ोन आता हैं और वह कितना भी पेशेवर तौर से आपसे बात करे.  तो उसे कोई जानकारी ना दे. बहुदा  ATM renew करने की बात करते हैं  यह जालसाजी हैं. आपका बैंक आपको कभी भी फ़ोन नहीं करता.

६. अगर आप किसी सार्वजनिक जगह जैसे किसी दोस्त का लैपटॉप या किसी साइबर कैफ़े से वेबसाइट इस्तेमाल कर रहे हैं. तो सजग हो जाये. डेटा लोगर नाम की प्रणाली आपका डेटा चुरा सकती हैं. कई बार ये डेटा लोगर कंप्यूटर के पीछे लगे होते हैं मगर अधिकतर ये सॉफ्टवेयर के रूप मैं कंप्यूटर में ही होते हैं. और जैसे ही आप अपना username  और password डालते हैं ये उसे save  कर लेते हैं. कभी कभी तो इनकी जरूरत भी नहीं पड़ती. आपका इंटरनेट ब्राऊज़र ही ये काम कर देता हैं. होता यह हैं की आप अपने username  और password  डालते ही आपको एक मैसेज आता हैं save password  और जल्दबाजी में आप उसको ok  कर देते हैं. याद रखे सार्वजनिक जगह से ऐसे व्यवहार करने से बचे. कितनी भी जल्दबाजी क्यों न हो। मर्जी हैं आपकी आखिर पैसा  आपका.  
इसका एक और उपाय हैं जो अक्सर आपकी बैंक उसकी वेबसाइट पर देती हैं. यह प्रणाली हैं  वर्चुअल कीबोर्ड (virtual  keyboard) इसकी सहायता से आप माउस माउस की सहायता से आप अक्षरो को  दबा सकते हैं। यह प्रणाली डेटा लोगर को धोखा देने में सक्षम होती हैं और आप धोखा धडी से बचे रहते हैं. हा थोड़ी देर जरूर  लगती हैं पर दुर्घटना से देर भली.

अब तक हमने जो भी तरीके देखे वो सभी कुछ ऐसे तरीके थे जिसे हम बिना किसी सॉफ्टवेयर के कर सकते हैं. इन तरीको के अलावा कुछ ऐसे भी खतरे हैं  जिन्हे हम देख भी नहीं पाते। वो हैं कंप्यूटर वायरस , ट्रोजन हॉर्स , माल वेयर  , रैनसम वेयर इन खतरों से बचने के लिए हमे कुछ डिजिटल औजारो की जरुरत पड़ती हैं.

७. १  प्लगिन्स (plugins) : प्लगिन्स वो जरिया होता हैं जिसे इस्तेमाल करके हम अपने मौजूदा प्रोग्राम को और कार्यक्षम बना सकते हैं। मन लीजिये आप यूट्यूब पर कोई वीडियो देख रहे हैं. और आपको उसे डाउनलोड करना हैं  उसे अपने ब्राउज़र में यूट्यूब डाउन लोडर नामक प्लगिन्स  सकते हैं. इसी तरह कोनसी साइट गलत और कोनसी साइट सही हैं ये पता करने के लिए आप McAfee SECURE Safe Browsing का प्लगिन्स इस्तेमाल कर सकते हैं. और ऐसे कई प्लगिन्स आप इस्तेमाल कर सकते हैं.


७. २ फ़ायरवॉल (Firewall) : फ़ायरवॉल वो प्रणाली हैं जो एक विश्वसनीय नेटवर्क और अन्य अविश्वसनीय नेटवर्क के बीच एक बाधा या लक्ष्मण रेखा के रूप में कार्य करती हैं  जब कोई बाहरी व्यक्ति आपके कंप्यूटर में घुसपैठ करना चाहता हैं तब ये उसे रोकती हैं.  एक अच्छी फ़ायरवॉल आपको कई खतरों से बहती हैं।


७. ३ एंटीवायरस  (Antivirus) : हमारे कंप्यूटर को खतरा सिर्फ बहार से नहीं वरन अंदरुनी भी होता हैं. बहुदा कुछ वायरस खास तौर पर ट्रोजन हॉर्स तो आपके कंप्यूटर का ही अंग बने रहते हैं और जैसे ही उन्हें  प्राप्त होती हैं वे अपने बनाने वाले को भेज देते हैं. मान लीजिये आपने अपने  बहुत सारे सीक्रेट एक फाइल में संजो के रखे हैं तो ये ट्रोजन हॉर्स उसे अपने मालिक तक पंहुचा देंगे।  इससे बचने का तरीका हैं एक अच्छा एंटीवायरस इस्तेमाल करना।

मैं चाहता हु की आप सब सुरक्षित रहे और अपने आपको टेक्नोलॉजी के अनुरूप ढाले। मेरे इस प्रयास से अगर आपको फायदा होता हैं तो मैं इसे सार्थक मानूंगा।

अगर आपको मेरा ये आर्टिकल अच्छा लगा हो तो जरुर शेयर करे और अपने प्रियजनों को भी बताये। शेयर करने के लिए निचे दिए बटन पर क्लिक करे या आपके facebook पर cloudyrathor सर्च करे और like बटन पर क्लिक करे. आप अपने दोस्तों को भी invite कर सकते हैं. फेसबुक पर invite का ऑप्शन होता हैं. मैं मानता हु की इस आर्टिकल को पड़ने के बाद आप भी खुदको क्लौडी राठोर समझने लगेंगे । अगली बार मिलेंगे कुछ नए टॉपिक के साथ. तब तक खुश रहे जिंदगी का आनंद ले.